The Nazar dosh Diaries



........................................................................................................

अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें।

शाबर मंत्रों का उपयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। इनमें कुछ प्रमुख लाभ हैं। 

साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। 

तंत्र मंत्र चन्द्र मंत्र : चन्द्र मंत्र का जाप कैसे करे?

साधना के अंतर्गत नियमों का उल्लंघन मंत्र की सिद्धि में बाधा डाल सकता है।

जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: खरूराह

शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो ग्रहण काल का समय अशुभ माना जाता है और ग्रहण काल के समय भारत के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.

हिंदू धर्म में वर्णित मंत्रों के इस्तेमाल के द्वारा एक सिद्ध तांत्रिक चाहे तो किसी भी व्यक्ति को गायब कर सकता है या फिर किसी भी व्यक्ति को अन्य रूप में परिवर्तित कर सकता है. इसके अलावा एक सिद्ध तांत्रिक मरी हुई आत्माओं से बात भी कर सकता है, हालांकि किसी भी प्रकार की सिद्धि को click here करने के लिए नियम और कुछ विधि बनी हुई होती है और जो साधक साधना को करने के लिए नियमों का पालन करता है उसकी ही सिद्धि होती है.

मृत्युंजय हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि

इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।

उसके बाद जैसे ही सूर्य ग्रहण चालू होता है तो सूर्य ग्रहण चालू होने के बाद आप अपनी पूजा की जगह से किसी अन्य जगह पर जाकर बैठ जाए और फिर सामने घी का दीपक जलाएं और फिर उसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा पानी लेकर संकल्प लेकर साबर मंत्र जपना शुरू कर दे.

साधना काल में शुद्ध देशी घी का अखण्ड दीपक जलायें।

शाबर मंत्र साधना : शक्तिशाली सिद्ध शाबर मंत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *